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पुराने संस्कार "बहुत सुंदर" है

फ़्रांस के ले बारौक्स में मठ की देखरेख करते हुए नर्सिया, इटली के बेनिदिक्तिन भिक्षुओं के संस्थापक फादर कासीन फॉल्सम ने 1990 में सबसे पहले पुराने लैटिन मास का अनुभव किया था।

फ़ॉल्सम ने onepeterfive.com (18 जनवरी) को बताया की उस क्षण उनके दिमाग में क्या चल रहा था, "यह वही है जो होना चाहिए!" और, "उस सौंदर्य की वजह से मेरी सांसे रुक गई थी "

फॉल्सम ने बताया कि पुराने लैटिन मास में पादरी के व्यक्तित्व का कोई फर्क नहीं पड़ता। उनकी भूमिका उद्देश्य है और इसलिए गायब हो जाती है।

दूसरी तरफ फॉल्सम ने कहा नोवस ऑर्डो में, वर्सेस पॉपुलम प्रथा के कारण, और सभी लिटोग्राफिक विकल्पों के कारण, पादरी की भूमिका बहुत ही व्यक्तिपरक बन जाती है। "इससे एक नई मास का दुर्भाग्यपूर्ण क्लेरिकॉलिज़शन होता है ।

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